लिंग के आकार बढ़ाने के लिए सरसों के तेल से मालिश कैसे करें

लिंग के आकार बढ़ाने के लिए सरसों के तेल से मालिश कैसे करें

लिंग मालिश के लिए सरसों का तेल बहुत ही प्रभावी तेल है। जो लिंग से जुडी कई समस्याएं जैसे- शीघ्रपतन, लिंग का टेढ़ापन, लिंग में सुस्ती, आदि समस्याओं को खत्म कर सकता है। सरसों का तेल सरसों के बीज को पेरने से उत्पन्न होता है, जिसका लिंग में मालिश करने के लिए काफी हद तक उपयोग किया जाता है। सरसों के तेल में मौजूद कुछ तत्व लिंग तक खून के बहाव को तेज कर देते हैं, जिससे लिंग की मोटाई और लम्बाई दोनों में काफी वृद्धि होता है।

सरसों के तेल में कैलोरी और फैट की काफी मात्रा होती है, जो लिंग के लिए एक बेहतरीन औषधि साबित होती है। जी हाँ निराश होने की कोई जरूरत नहीं है, सरसों के तेल से मालिश करके आप अपने लिंग सम्बन्धी कई समस्याओं से छुटकारा पा सकेंगे। हम यहाँ पर आपको सरसों के तेल से लिंग मालिश की कुछ तकनीक बताने जा रहे हैं, जिसका सही तरीके से उपयोग आपके यौन जीवन में रंग भर देगा।

यहाँ पर बताए गए वो सरसों से लिंग की मालिश करने के तकनीक है, जिसका उपयोग कर आप अपने लिंग को स्वस्थ, एवं आकर्षित रूप दे सकते हैं।

सरसों के तेल से लिंग मालिश का तरीका

  • मिलिंग तकनीक से मालिश – दूध देने की यह तकनीक सभी को पसंद आने वाली लिंग मालिश की तकनीक है। क्योंकि यह तकनीक का उपयोग बहुत सरल, और रोमांचक है। आप लिंग पर सरसों के तेल को लगाकर अपने तर्जनी और अंगूठे के साथ मालिश कर सकते हैं। दोनों तर्जनी, और अंगूठे का उपयोग कर आप लिंग में काफी दवाब दें, और फिर सरसों का तेल लगाकर लिंग को ऊपर नीचे करें, आपके लिंग में काफी झाग उत्पन्न होगा , और आपका लिंग सख्त हो जाएगा। जितना अधिक आप इस मालिश तकनीक को सरसों के तेल से निष्पादित करते हैं, आपको उतना ही अच्छा परिणाम प्राप्त होता है।
  • एविल तकनीक से मालिश – एविल मालिश में, आपका हाँथ लिंग के ऊपर होना चाहिए जो आपके लिंग को नीचे की ओर घुमाएगा। जब आपका लिंग नीचे आता है, तो इसे लगातार कुछ मिनटों तक दबाए रखें। आप दोबारा उसी तरह अपने दूसरे हाथ की मदद से एविल स्ट्रोक लिंग मालिश कर सकते हैं। एविल मालिश तकनीक तीन प्रकार की होती है। पहला बूकेंड्स, दूसरा डोरनॉब और तीसरा डबल व्हाममी। बूकेंड्स ऐविल स्ट्रोक में आपको एक पार्टनर की जरूरत होगी। आपका पार्टनर इस मालिश में सरसों के तेल को आपके लिंग में डालेगा, और दोनों हाँथ को लिंग के ऊपर विपरीत दिशा में रखेगा फिर हाथ हाँथ की मदद से लिंग ऊपर और नीचे उठाया जा सकता है, यह प्रक्रिया आप दुबारा 8 से 10 मिनट तक दोहरा सकते हैं। डोरनॉब एविल स्ट्रोक में, आपका साथी आपके लिंग में सरसों के तेल को लगाकर आपके लिंग को चारों दिशाओं में घुमायेगा। जबकि डबल व्हामी एविल स्ट्रोक में हाथ में सरसों के तेल के साथ आपके साथी दोनों हाथों से आपके लिंग को झुकाएगा। आपका पार्टनर आपके लिंग को ऊपर और नीचे ले जाने के लिए दोनों हाथों का उपयोग कर सकता है।
  • पर्वत की चढ़ाई द्वारा सरसों के तेल से मालिश – यह तकनीक बहुत ही सरल, और रोमांचक तकनीक है, जिसे आप एक हाँथ की मदद से कर सकते हैं। आप इस मालिश से अपने लिंग को 10 मिनट में काफी खुश कर सकते हैं। इस मालिश में आप अपने लिंग में सरसों का तेल लगाकर ऊपर नीचे करें, यह प्रक्रिया हस्थमैथुन के नाम से भी जाना जाता है। शुरूआती समय में आप यह तकनीक धीरे-धीरे करें, फिर धीरे-धीरे आप अपनी स्पीड बढ़ा सकते हैं। जब तक आप झड ना जाएँ, आपको सरसों का तेल लगाकर यह तकनीक करते ही रहना चाहिए। इस मालिश को आप दिन में एक बार से ज्यादा ना करें, इसको ज्यादा करने से आप शीघ्रपतन की समस्या से गुजर सकते हैं।
  • ऑटोरोटिक तकनीक से मालिश – इस तकनीक में लिंग के ग्लान्स का उपयोग किया जाता है। इस तकनीक में आप लिंग को पकड़ लें, और सरसों के तेल को लिंग के ऊपर लगा लें, और अपना हाँथ ग्लान्स के ऊपर रख लें। जब आप अपना हाँथ ग्लान्स पर रख देतें हैं, तो सरसों के तेल की मदद से आपके लिंग में झुनझुनाहट होती है, जिससे रक्त का संचरण तेज हो जाता है, और आपका लिंग कठोर हो जाता है। सरसों के तेल से की गयी यह लिंग मालिश आपके लिंग को उत्तेजना प्रदान करती है। आप यह मालिश 15 से 20 मिनट के लिए दोहरा सकते हैं। इस मालिश का आप सरसों के तेल के साथ दिन में दो बार उपयोग करें, आपको लिंग सम्बन्धी समस्याओं से काफी राहत मिलेगी।
  • जेलिंग तकनीक द्वारा सरसों के तेल से मालिश – जेलिंग को लिंग मालिश के लिए एक भाग में जाना जात है। इस तकनीक में आपको अपने लिंग को एक हाथ में इस तरह से पकड़ना पड़ेगा कि आपके अंगूठे, और तर्जनी के मदद से एक अंगूठी जैसे शेप का निर्माण हो जाए। अब आप अपने लिंग में सरसों के तेल का उपयोग कर, अपने अंगूठीनुमा निर्माण वाले हाँथ से अपने लिंग को ऊपर नीचे करें। जेलिंग तकनीक आप रोज दो बार 20 से 30 मिनट तक सरसों के तेल के साथ करें। शुरूआती व्यक्ति, जो इस तकनीक का शुरुआत करने जा रहे हैं , वो इस तकनीक का ज्यादा उपयोग ना करें, कुछ दिन बाद वो इस तकनीक का उपयोग बढ़ा सकते हैं।

 

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