शीघ्रपतन का घरेलू और आयुर्वेदिक इलाज

शीघ्रपतन का घरेलू और आयुर्वेदिक इलाज

शीघ्रपतन एक ऐसी समस्या है जिसमे सम्भोग के दौरान पुरुष का वीर्य महिला के योनि में जल्दी स्खलित हो जाता है। शीघ्रपतन की समस्या के कारण पुरुषों को सम्भोग के दौरान बहुत लज्जित होना पड़ता है। यह समस्या से निराश होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि यह समस्या कुछ ही समय में हलके, और कम प्रयास के द्वारा ठीक की जा सकती है। शीघ्रपतन एक ऐसी समस्या है जिसे भारत के 50 % से अधिक आदमी झेल रहे हैं। शीघ्रपतन के कई कारण है, जैसे- अत्यधिक हस्तमैथुन, चिंता, सेक्स सम्बन्धी अन्य समस्या, अश्लील साहित्य पढ़ना, पोर्न फिल्म को ज्यादा देखना इत्यादि।

अमेरिका के एक इंस्टिट्यूट के रिपोर्ट के अनुसार शीघ्रपतन का 70 फीसदी कारण अत्यधिक हस्तमैथुन है। इसलिए शीघ्रपतन का सबसे पहला इलाज हस्तमैथुन की आदत को छोड़ देना।

शीघ्रपतन के घरेलू इलाज

  • प्रतिदिन प्याज के 2 चम्मच रस में शहद मिलाकर चाटने से शीघ्रपतन का क्लेश दूर हो जाता है। प्याज के रस का सेवन 2 माह तक नियमित करें।
  • एक चम्मच तुलसी के बीजों का चूर्ण पान के साथ सुबह के समय निराहार मुंह एक माह तक सेवन करें। यह वीर्य पुष्टि की उत्तम दवा है।
  • ईसबगोल, खसखस, बेल का गूदा तथा मिसरी, सब 5-5 ग्राम की मात्रा में लेकर तथा सबको मिलाकर एक खुराक के रूप में दूध से लें। 15 दिन तक यह दवा लेने से वीर्य ठहरने लगता है।
  • प्रतिदिन सुबह 2 छुहारे ढाई सौ ग्राम दूध में उबालकर दूध सहित खा जाएँ।
  • प्रतिदिन 3 केले शहद के साथ खाने से शरीर में वीर्य को रोकने की शक्ति आ जाती है।
  • कौंच के बीज, गोखरू, उंटगन के बीज। सब 10-10 ग्राम की मात्रा में लेकर इनका चूर्ण बना लें। 3 ग्राम चूर्ण रोज रात में सोते समय पियें। यह स्तम्भनं शक्ति बढ़ाने में प्रभावी है।
  • 10 ग्राम उड़द की दाल पीसकर कच्ची शहद तथा शुद्ध घी मिलाकर चाटें। ऊपर से आधा किलो दूध पी जाएँ।
  • मुलेठी 100 ग्राम की लेकर, कूट-पीसकर कपड़छान कर लें। इसे शीशे के बर्तन में रख लें। इसमें से प्रतिदिन 5 ग्राम प्रत्येक (तीन खुराक) दिन में 3 बार 2 माह तक शहद के साथ सेवन करें।
  • गोखरू, सूखे आंवले तथा गिलोय को बराबर मात्रा में लेकर कूट-पीसकर कपड़े से छान लें। इसमें से आधा चम्मच चूर्ण प्रतिदिन दो माह तक शुद्ध देसी घी तथा मिसरी के साथ सेवन करें।
  • इमली के 200 ग्राम चिएँ को दो दिन तक पानी में भीगने दें। फिर इनको पानी से निकालकर छीलें। इनकी चटनी बनायें। इसमें 300 ग्राम पुराना गुड़ मिलाकर चने के बराबर की गोलियां बना लें। 2-2 गोली सुबह-शाम नाश्ते के बाद लें।
  • दालचीनी 200 ग्राम, काले तिल 200 ग्राम तथा मिसरी 200 ग्राम। तीनों को पीसकर चूर्ण बना लें। सुबह-शाम एक-एक चम्मच दवा दूध से सेवन करें।
  • कौंच के बीज 200 ग्राम तथा सफ़ेद मूसली 200 ग्राम। दोनों को सुखाकर चूर्ण बना लें। सोते समय आधा चम्मच चूर्ण दूध से सेवन करें।
  • 10 ग्राम तुलसी के बीज, 20 ग्राम अकरकश तथा 30 ग्राम शक़्कर। तीनों को पीसकर चूर्ण बना लें। रात को सोते समय आधा चम्मच चूर्ण शहद के साथ लें।

शीघ्रपतन का आयुर्वेदिक इलाज

  • सफेद मूसली, काली मूसली, शतावर, असगंध, विदारीकंद, छोटी इलायची, सेमल का मुसला, कौंच के बीज, गंगेरन की छाल, मुलेठी, हल्दी, बबूल की कच्ची फली, बड़े गोखरू तथा मोचरस। सारी चीजें 20-20 ग्राम की मात्रा में लें। इसके अलावा त्रिफला 50 ग्राम, शिलाजीत, समुद्रशोष, ऊंटकटेरी मूल की छाल की जड़। प्रत्येक 40-40 ग्राम लेकर कूटपीस लें। इसका कपड़छान चूर्ण बनाकर तथा 600 ग्राम मिसरी मिलाकर शीशी में रख लें। इसमें से 5 ग्राम चूर्ण सुबह और 5 गग्राम शाम को गाय के दूध के साथ सेवन करें। इस दवा का 3 माह तक लगातार सेवन करने से वीर्य बढ़ता है तथा शीघ्रपतन की बीमारी हमेशा के लिए खत्म हो जाती है।
  • आधा लीटर दूध में 10 ग्राम शतावर पीसकर डालें तथा इसे भली-भांति औटाएं। यह दूध 40 दिन तक सेवन करें। इससे लिंग की कमजोरी दूर होती है।
  • गोखरू, तालमखाना, शतावर, कौंच के बीज, बड़ी खिरैंटी गगेरन। सब 10-10 ग्राम की मात्रा में कूट पीसकर चूर्ण बना लें। रात के समय आधा चम्मच चूर्ण दूध के साथ सेवन करें।
  • सालम मिसरी, सकाकुल मिसरी, तोदरी सफेद, कौंच के बीजो की मींग, इमली के बीजों की मींग, तालमखाना, सफेद मूसली, बहमन सफ़ेद, शतावर, कीकर की सूखी फली तथा ढाक की फलियां। सबको 10-10 ग्राम लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। इसमें 200 ग्राम मिसरी पीसकर मिला लें। यह चूर्ण एक-एक चम्मच प्रतिदिन सुबह-शाम दूध के साथ लें। 40 दिन सेवन करने से हर प्रकार की कमजोरी दूर हो जाती है।

हम यहाँ पर आपको कुछ और ऐसे उपाय के बारे में बताएँगे जिन्हें उपयोग कर आप शीघ्रपतन के समस्या से छुटकारा पा सकेंगे।

  • रोमांचक रहें – सेक्स करते समय आप और आपके पार्टनर बातचीत करते रहें, जिससे आप बोर ना हों। इससे शीघ्रपतन में काफी राहत मिल सकेगी।
  • जल्दबाजी ना करें – सेक्स के दौरान जल्दी-जल्दी झटके ना लगाएं, इससे आप जल्द ही झड़ जाएंगे, साथ ही आपके पार्टनर को भी दर्द होगा।
  • पौष्टिक आहार का सेवन – पौष्टिक आहार का सेवन करें। अपने आहार में ज्यादा न्यूट्रीशनल वाले पदार्थ को शामिल करें। यह आपकी मर्दानगी को बढ़ाएगा और नामर्दी को दूर करेगा, जिससे आपको शीघ्रपतन से राहत मिलेगी।
  • सुबह जल्दी उठें – सुबह जल्दी उठना आपके शीघ्रपतन की समस्या को कम कर सकता है। नियमित प्लान बना लें, और हमेशा रात में जल्दी सो जाने की कोशिश करें ताकी आप सुबह 4 बजे तक उठ सकें। इससे आपको एक महीने में ही फर्क पता चलेगा।
  • लहसुन – रोज सुबह एवं शाम को लहसुन की दो कली भूनकर खाने से आप शीघ्रपतन की समस्या से राहत पा सकते हैं।
  • सहजन के फूल – 15 से 16 ग्राम सहजन के फूल को 1 पाव दूध में उबालकर रोज सुबह एवं शाम को सोते वक़्त पियें। इससे आपको शीघ्रपतन की समस्या से राहत मिलेगी।
  • मेवा – पिस्ता, बादाम, खजूर, और त्रिफला के बीजों को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें और फिर 100 ग्राम चूर्ण का सेवन गर्म दूध के साथ नित्य करें। इससे आपका वीर्य गाढ़ा हो जाएगा और शीघ्रपतन की समस्या का निदान हो जायेगा।
  • किशमिश – 50 ग्राम किशमिश को दूध में मिलाकर, रोज दिन में 4 से 5 बार सेवन करें, इससे आपको शीघ्रपतन से राहत मिलेगी।
  • अंडा – रोज शाम को उबले हुए एक अंडे का सेवन सोने से पहले करें, इससे शीघ्रपतन की बिमारी जड़ से खत्म हो जाएगी।
  • काले चने का सेवन – काले चने को रात में पानी में भिगो लें और सुबह फूले हुए चने को खा लें, और उसके पानी को पी लें। यह आपके वीर्य को गाढा कर, आपकी शीघ्रपतन की समस्या को दूर करेगा।
  • गाजर – 150 ग्राम कटे हुए गाजर को उबले हुए अंडे और एक चम्मच शहद के साथ दिन में 1 बार खाएं। इससे आपको शीघ्रपतन में राहत मिलेगी। आप 100 ग्राम गाजर का हलवा रोज खाएं। आप गाजर के 200 मिलीलीटर जूस का भी उपयोग शीघ्रपतन में कर सकते हैं।
  • ईसबगोल की भूसी – 5 ग्राम ईसबगोल की भूसी और मिसरी को रोज गर्म दूध के साथ पियें। इससे आपको शीघ्रपतन की समस्या से राहत मिलेगी। आप इसबगोल की भूसी का दूसरी तरह से भी उपयोग कर सकते हैं। आप इसबगोल की भूसी को गोखरू के बीज के साथ बराबर मात्रा में पीस लें और इलायची के साथ रोज दो चम्मच चूर्ण गाय के दूध के साथ पियें।
  • जामुन – जामुन की गुठली का चूर्ण रोज गर्म दूध के साथ लेने से शीघ्रपतन की समस्या को खत्म किया जा सकता है।
  • गिलोय – गिलोय शीघ्रपतन के लिए रामबाण साबित होती है। गिलोय का 5 ग्राम चूर्ण रात को सोते वक्त गर्म दूध के साथ करें, यह आपके वीर्य को गाढा कर, शीघ्रपतन से छुटकारा दिलाता है।
  • गोखरू का चूर्ण – गोखरू का चूर्ण बचपन में की गई गलतियों को सुधार सकता है। हस्तमैथुन के कारण शीघ्रपतन की समस्या को खत्म कर गोखरू का चूर्ण शीघ्रपतन से राहत दिलाता है।
  • तुलसी के बीज – 1 ग्राम तुलसी के बीज का दूध के साथ सेवन शीघ्रपतन की समस्या को खत्म कर देता है।
  • काला मुसली – काला मुसली को पकाकर रोज रात में दूध के साथ लेने से, शीघ्रपतन की समस्या को खत्म कर देगा।
  • आजवायन – प्राचीन काल से ही आजवायन का उपयोग शीघ्रपतन के लिए किया जा रहा है। 5 ग्राम आजवायन का चूर्ण दूध के साथ लेने से शीघ्रपतन की समस्या को जड़ से खत्म कर देगा।
  • महुए – महुए के 25 ग्राम फूल को 250 ग्राम दूध के साथ धीमी आंच में पका लें। अब इस दूध को ठंडा करने के बाद पी लें। यह आपके वीर्य को गाढा बनाकर, शीघ्रपतन की समस्या को ख़त्म करता है।
  • हर्बल तेल – कई सारे हर्बल तेल जैसे – जैतून का तेल, सूर्यमुखी का तेल से लिंग की मसाज करने से आपकी शीघ्रपतन की समस्या ख़त्म हो जाती है।

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