शीघ्रपतन और नपुंसकता दूर करने के लिए योग चिकित्सा

शीघ्रपतन और नपुंसकता दूर करने के लिए योग चिकित्सा

योग एक ऐसी विधा है, जिसका उपयोग हर प्रकार की बिमारी में किया जा सकता है। क्या आपको पता है ? कि शीघ्रपतन के लिए भी योग का सहारा लिया जा सकता है। जी हाँ, शीघ्रपतन के लिए योग बहुत ही अच्छा साधन है, जिसका ना तो शरीर पे कोई दुष्प्रभाव पड़ता है, और ना ही किसी प्रकार का खर्च होता है। हमें समय से पहले स्खलन का योग पता चल गया है, जिसका उपयोग कर आप शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। नियमित योग शीघ्रपतन या पूर्व स्खलन के लिए बहुत ही अच्छी पद्धति है। पुराने ऋषि मुनि इन्ही योग को करके मन चाहे समय में वीर्य स्खलन की शक्ति प्राप्त कर लिया करते थे।

अपनी शीघ्रपतन की समस्या से लज्जित व्यक्ति अब योग का सहारा लेकर अपनी शीघ्रपतन की समस्या को जड़ से खत्म कर सकते हैं और महिलाओं के साथ इक्छा अनुसार मन चाहे समय तक सम्भोग कर सकते हैं।

हम आपको यहाँ पर कुछ योग पद्धति के बारे में बताएँगे जिनका उपयोग कर आप शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा पा सकेंगे।

शीघ्रपतन को दूर करने का सबसे उत्तम योग कपालभाति प्राणायाम और सर्वांगासन है। इन दोनों आसन को नियमित रूप से करके आप अपनी इक्छा से वीर्य को स्खलित कर पाएंगे। याद रखें योग से बेहतर कुछ नहीं।

आनंद बाल आसन – यह आसन शीघ्रपतन के लिए एक बढ़िया योग है। जिसे उपयोग में लाकर आप शीघ्रपतन की समस्या को दूर कर सकते हैं।

करने की विधि :

  • आराम से लेट जाए, और अपने दोनों पैर को छाती में ऐसे टच करें की आपका घुटना मुड़ जाए।
  • अब अपने दोनों हाँथ की मदद से अपने दोनों तलबों को पकड़ लें।
  • धीरे-धीरे अपने दोनों पैरों को अपने अगल-बगल घुमाते रहे।
  • आसन के दौरान लम्बी साँस का प्रयोग करें।

तितली आसन – यह आसन शीघ्रपतन के लिए रामबाण साबित होता है। इस आसन के नियमित उपयोग से आप शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। यहं पर बताई गई विधि के अनुसार आप इस आसन का पालन करें, आपको 100 टका इससे फायदा मिलेगा।

करने की विधि :

  • फर्श पर कमर को सीधा करके बैठ जाए, और अपने घुटनों को मोड़कर पलथी मार बैठ जाएँ।
  • अपने पैर को अपने हाथों से कस कर पकड़ें।
  • गहरी साँस लें।
  • सामान्य रूप से साँस लेना और धीरे-धीरे जांघों को ऊपर और नीचे ऐसे करें की जैसे तितली उड़ते समय अपने पंख को करती है।

विभाजन आसन – यह आसन बहुत ही सरल आसन है, जिसका उपयोग शीघ्रपतन में किया जा सकता है। इसके उपयोग से लिंग तक खून का बहाव थोडा कम हो जाती है, जिससे लिंग की उत्तेजना कम हो जाती है।

विभाजन आसन करने की विधि :

  • दण्डासन की तरह बैठ जाएँ।
  • अपना वजन अपने दाएं कूल्हे पर रखें अपने घुटनों को झुकाएं और अपने पैरों को बाईं ओर ले जाएँ। पैरों को फर्श में ही रहने दें, और अपने बाएं आंतरिक टखने को दायें पैर के किनारे में रखें।
  • एक साँस लें, जब तक आप कर सकते हैं तब तक आपकी रीढ़ को लंबा रहने दें। अपने ऊपरी धड़ को दाहिनी ओर मोड़ें। अपने दाहिने हाथ को अपने शरीर के पीछे फर्श पर रखें और अपने बायीं हाँथ को अपने दायें जांघ पर रखें। अपनी बाईं हथेली को ऊपर की तरफ मोड़ें।
  • अपने कंधे के ब्लेड को अपनी पीठ और अपनी पिछली पसलियों की तरफ खींचें आपके ऊपरी हिस्से में एक मामूली बैकेंड होगा, लेकिन इसे लागू न करें।
  • प्रत्येक साँस लेने पर, अपनी रीढ़ को लंबा करे, और प्रत्येक साँस छोड़ने पर, रीढ़ को गहराई से मोड़ें।
  • अपने दाएं कंधे पर नजर रखने के लिए अपना सिर मोड़ें।
  • एक मिनट के लिए पकड़ें
  • अब छोड़ दें, और सामन्य स्थिति में आकर फिर से यही क्रिया दोहरायें।

मत्स्यासन – यह आसन एक बहुत ही प्रभावी आसन है, जिसका शीघ्रपतन में लागु किया जा सकता है। इस आसन को करने से आप शीघ्रपतन की समस्या से जल्द ही छुटकारा पा सकते हैं।

मत्स्यासन करने की विधि :

  • फर्श पर अपनी पीठ के बल लेट जाएँ।
  • अपने छाती को उठा लें और अपने जांघ के नीचे वाले हिस्से को भी उठा लें, इस तरह से आपका शरीर आपके पेट पर बेस्ड रहेगा।
  • अपने हांथों को अपने अगल-बगल स्लाइड करें।
  • यही विधि आप रोज करें।

धनुरासन – यह बहुत ही आसान विधि है, जिसका शीघ्रपतन में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस आसन से आप शीघ्रपतन से बहुत अच्छी तरह से छुटकारा पा सकते हैं।

धनुरासन को करने की विधि :

  • सबसे पहले प्रवण स्थिती में लेट जाए।
  • साँस बाहर निकालें, अपने घुटनों को मोड़ लें और हाथों से टखनों को पकड़ें।
  • जब साँस लें, तब छाती, जांघ और सिर को जितना हो सके उतना उठा लें।
  • निचले पेट पर शरीर का वजन बनाए रखने की कोशिश करें।
  • अब अपने दोनों पैरों को अपने सिर तक ले जाएँ और अपने हाँथ को अपने सिर की तरफ से घुमाते हुए, अपने पैरों को पकड़ लें।
  • पैरों को 10 मिनट तक पकड़े रहें।

भुजंगासन – यह आसन कोबरा स्ट्रेच के नाम से प्रसिद्धि है, जिसका उपयोग शीघ्र स्खलन की समस्या को दूर करने में किया जा सकता है।

भुजंगासन को करने की विधि :

  • पेट के बल सीधा लेट जाएँ।
  • अपने छाती को ऊपर उठा लें।
  • कुछ मिनट तक छाती को ऊपर खीचें रहें।
  • अब नीचे आ जाएँ।

हमने आपको यहाँ पर आपको शीघ्रपतन के लिए योग और उनको करने के लिए विधि के बारे में बताया है। जिसका उपयोग आपके शीघ्रपतन की बिमारी को हर लेगा।

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